भटका हूँ ना मुझै , है रासतों का डर !मंजिल तुम्हे पाना है, मेरे साथ चलो !!कांटो से भरी राह , तुम चल न सकोगे !पथ फूल बिछाना है , मेरे साथ चलो !!देखे थे जो सपने , हकीकत वो बन गए !नये ख्वाब सजाना है , मेरे साथ चलो !!मंजिल पे है निगाह , ये हौंसले बुलंद !अमृत का तराना है , मेरे साथ चलो !!कर लूँ सफर मै तनहा, पर तुम चलो तो अच्छा !एक और बहाना है , मेरे साथ चलो !!टूट कर गिरे कल , बिखरे जमी सितारे !फिर छत पे लगना है, मेरे साथ चलो !!कल रात चांदनी की , चन्दा से हुई अनबन !रुठी वो मनाना है , मेरे साथ चलो !!धोके है बड़े कितने , फरेब भरे है !रंग बदले जमाना है , मेरे साथ चलो !!न बैठ मन दुखी , देख शिखर ऊँचे !पर्वत शिखा पाना है , मेरे साथ चलो !!अब उठ तू न अलसा , सूरज भी चढ़ चला !लंबा हमे जाना है , मेरे साथ चलो !!
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मेरे साथ चलो !!
Posted May 14th, 2008 - 00:07
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