Your Ad Here
0

तो चलो कमाने ऑस्ट्रेलिया .....................

ऑस्ट्रेलिया ने अप्रवास नीति को लचीला बनाया , सारा ध्यान हूनर मंदों पर केंद्रित .....एक और अमेरिका अपनी अप्रवास की पुरानी नीति से चपका पड़ा हैं और उसमे कोई सुधार नही कर रहा वही दुसरे देश कुशल कामगारों के लिए बड़ी तेज़ी से अप्रवास नीति में सुधार ला रहे हैं इन सुधारो ने हूनर मंद कामगारों के लिए प्रमुख देशो के मामलो में अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया हैं सारे सुधारो में सबसे ज्यादा प्रभाव ऑस्ट्रेलिया में पड़ा हैं जहाँ तक ऑस्ट्रेलिया में अप्रवास की बात हैं तो वहां पहले अप्रवासियो को सुरक्षात्मक कामो में लगाया जाता था जबकि अब उसने अपना सारा ध्यान हूनेर्मंद अप्रवासियो पर केंद्रित किया हैंविगत ०१ सितम्बर, २००७ से जनरल स्किल्ड माइग्रेशन (जी एस ऍम ) श्रेणी के मूल्यांकन के अनुरूप वहां की अप्रवास नीति संशोधित कर दी गई हैं जी एस ऍम सुधार के बाद वहां अंग्रेजी भाषा की जानकारी होना अनिवार्य हो जाएगा इससे हालिया कार्यानुभव की जरूरत एक समान हो जायेगी। इससे कार्यानुभव वाले व्यक्तियो की ऍम ओ ड़ी एल अंको में कमी आएगी और जी एस ऍम विज़ा का दंचा आसान हो जाएगा साथ ही अंतार स्वतंत्र साजिदारो को द्वितितक आवेदकों में शामिल कर लिया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन और मल्टीकल्चरल मंत्री फिलिप रूदोक का कहना हैं की “ऑस्ट्रेलिया पहले से ही अस्थायी विज़ा की सुविधा देता रहा हैं और दुसरे प्रतिस्पर्धी देशो के साथ इसकी तुलना भली भांति की जा सकती हैं ऑस्ट्रेलिया की विज़ा की प्रक्रिया की अपनी तीव्र व् सक्षम व्यवस्था हैं इसकी अमेरिका जैसे देशो से तुलना की जा सकती हैं ।

[...] Read full story

Your Ad Here