बोलो कैसे रह जाते हो तुम बिन बोले जब कोई स्नेही द्वार तुम्हारे आकर तेरा हृदय टटोले । जब भी कोई पथिक हांफता , तेरे दरवाजे पर आए तेरे हृदय शिखर पर अपनी प्रेम – पताका फहराए , जब तेरी आतुरता में , कोई भी
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