विश्वशान्ति के और पंचशील के सूत्र / धूमिल

Posted on November 21st, 2008
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जब मैं बाहर आया मेरे हाथों में एक कविता थी और दिमाग में आँतों का एक्स-रे। वह काला धब्बा कल तक एक शब्द था; खून के अँधेर में दवा का ट्रेड मार्क बन गया था। औरतों के लिये गै़र-ज़रूरी होने के बाद अपनी ऊब क

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